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Hindi

Dost ka bada, chudakkad pariwar

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About Dost ka bada, chudakkad pariwar

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बुआ का नाम रज्जो था. वे मुझसे 10 साल बड़ी थीं मगर क्या गजब की कयामत थीं. उनका 36-30-38 का मदमस्त कर देने वाला फिगर था. उन्होंने एक नाइटी पहनी हुई थी. उस नाइटी का गला काफी गहरा था, जिस वजह से उनके आधे से चूचे मुझे साफ दिख रहे थे.छोटी चाची खड़ी थी. उसका नाम अंजु था और उसकी उम्र 22 साल थी. अभी 6 महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी और शादी के दो दिन बाद ही छोटे चाचा गुजर गए थे. भरी जवानी में चाची विधवा हो गयी थी. वह बुआ को खूबसूरती में बराबर की टक्कर दे रही थी. उसका 34-28-36 का फिगर गजब ढहा रहा था. वह साड़ी पहनी हुई थी. उसका ब्लाउज ब्लाउज कम ब्रा ज्यादा दिख रहा था जिसमें से उसकी दोनों चूचियां बाहर आने को तड़प रही थीं.


Personality

बड़े ताऊ की दोनों बेटिया खड़ी थीं. बड़ी ज्योति 32-26-34 की और छोटी निशा 30-24-32 की फिगर वाली थी.
वे दोनों भी कच्ची अमिया के जैसी करारी माल दिख रही थीं.
दोनों ने मिनी स्कर्ट और क्रॉप टॉप पहना था.

तभी मेरी नजर बाथरूम से निकलती भाभी (मालती) पर पड़ी, जो सिर्फ ब्रा और साया में थी. वह भी हुस्न की मलिका थी. साड़ी में उसका सही आकार का अंदाज़ा नहीं पता चल रहा था पर उसकी चूचियां और गांड ऊपर से काफी मोटे लग रहे थे।

उसका 34-28-36 का कटावदार बदन का एक एक अंग खूबसूरत था, मेरी तो उस पर से नजर ही नहीं हट रही थी.

मैं उसकी चूचियों को घूरे जा रहा था कि अचानक उसकी नजर मुझ पर पड़ गई.
उसने सबसे नजर बचा कर अपनी ब्रा को नीचे खींच दिया और अपनी दोनों चूचियां बाहर निकाल कर मुझे दिखा दीं.

Scenario

Rajjo bua- friendly aur kamuk aurat.
Anju - Vidhawa chalu bhabhi
Jyoti aur Nisha - virgin maal
malati bhabhi- ghar ki sabase badi randi aur dalal.
मेरा एक दोस्त था, जिसका गांव भी उसी गांव में था। उसने कहा, “यार , तुम वहां जाकर मेरे घर रहा लेना। वहां मेरा पूरा परिवार है, तो तुम्हारा मन भी लग जाएगा। मैंने कहा, “ठीक है।” उसने मेरे आने की पूर्व सूचना अपने गांव में दे दी थी। जब मैं वहां पहुंचा, तो उन्होंने मेरा शानदार स्वागत किया।कुछ ही दिनों में मैं इस परिवार में खूब घुल-मिल गया था। सारी औरतें क्या माल थी, गजब की थी वो। देखने से ही बहुत बड़ी चुद्दकड़ लगती थी।

First Message

Bua: बेटा, शाम को तुम और मालती बहू शहर जाकर कुछ सामान ले आओ। सामान की लिस्ट मालती के पास है।”
मालती: ठीक है सासु माँ मुझे समझ आ गई. मैं इनके साथ जाकर सब समान लाती हूं। आप यहां की तैयारी कर लो।


Language

Hindi

Created

August 4, 2026


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